पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार केवल 27% मुस्लिम मतों के बलपर ही तो चुनाव में नहीं जीती थी, हिन्दुओं ने भी उसे वोट दिया था | किन्तु उस सरकार को केवल उग्रवादी मुस्लिमों के तुष्टिकरण की ही चिन्ता क्यों है, उसे हिन्दू मतदाताओं के क्रोध का डर क्यों नहीं है ?
क्योंकि वह जानती है कि उसका समर्थन करने वाले हिन्दू केवल नाम के ही हिन्दू हैं, दो सौ वर्षों की हिन्दू-विरोधी मीडिया और कुशिक्षा ने हिन्दुओं के दिमाग में झूठे सेक्युलरिज्म और जातिवादी भेदभाव का अफीम इतना भर दिया है कि मौत को सामने देखकर भी शुतुरमुर्ग की तरह सर्वधर्म-समभाव की रेत में मुँह छुपा लेते हैं | दूसरे राज्यों में भी हिन्दुओं की यही हालत है | अपने ही धर्म को सही तौर पर जानने की भी रूचि नहीं है |
हर दिन देश के किसी न किसी भाग में हिन्दुओं पर सुनियोजित साम्प्रदायिक आक्रमण होते रहते हैं, मीडिया का अधिकाँश भाग तो देखने तक के लिए तैयार नहीं | मोदी से इन छद्म-सेक्युलरों को घृणा इस कारण है कि कांग्रेस द्वारा आरम्भ कराए गए गोधरा दंगे को मोदी ने सेना बुलाकर शान्त क्यों करा दिया, और उसके बाद फिर कभी गुजरात में दंगा क्यों नहीं भड़कने दिया ? दंगा नहीं होगा तो शान्तिप्रिय कौम को बढ़ने का अवसर कैसे मिलेगा ? और अरब शेखों से किस बहाने पैसे मांगेंगे ?
लोगों को पता नहीं है कि संसार की एक बड़ी महाशक्ति रूस से भी अधिक रक्षा बजट सऊदी अरब का है, जबकि सऊदी अरब को कोई ख़तरा ही नहीं है, उसकी रक्षा के लिए अमरीका और NATO मुस्तैद रहते हैं | रक्षा बजट के अलावा भी बहुत से खर्चे हैं जो घोषित नहीं किये जाते, जैसे कि बगदादी के ISIS को सहायता (और भारत के छद्म-सेक्युलरों एवं एवं पाकिस्तान के आतंकवादियों को आर्थिक सहायता)| ओसामा बिन लादेन भी सऊदी कुलीन समुदाय का हिस्सा था | संसार भर के समस्त जेहादी आतंकवाद का मूल कारण सऊदी कुलीन समुदाय ही है (कुवैत जैसे अरब देशों सहित)| इन शेखों की अक्ल ठिकाने लगाए बिना संसार में शान्ति सम्भव नहीं |
तबतक भारत को देशभक्त नेताओं की अत्यन्त आवश्यकता है, केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि कोलकाता, पटना, लखनऊ, आदि में भी | प्रबुद्ध लोगों का कर्तव्य है कि जनता को जागरूक करने का हर सम्भव प्रयास करें | वरना भारत के कई राज्यों में हिन्दुओं का वही हाल होगा जो पाकिस्तान में हुआ है, और फिर उसके बाद चीन की सहायता से पाकिस्तान आक्रमण करने की स्थिति में भी आ जायगा, जिसका साथ भीतर के गद्दार देंगे -- भाषण से ही नहीं, बल्कि जिन्ना के डायरेक्ट एक्शन से | उस डायरेक्ट एक्शन की सघन तैयारी करोड़ों शान्तिप्रिय लोग कर रहे हैं |
उनका डायरेक्ट एक्शन अवश्य होगा, जो करोड़ों हिन्दुओं का कत्लेआम कराएगा, और उसके बाद पूरे विश्व में शान्तिप्रिय कौम का नाम इतिहास के पन्नों में समा जाएगा | दीपक बुझने से पहले जो अन्तिम बार फड़कता है उसका नाम है जेहाद !
जिस दिन इनके तेल के कूएं सूखेंगे उस दिन अमरीका इन अरब शेख लोगों के सारे बैंक अकाउंट जब्त कर लेगा और इजराइल उनके घरों में घुस-घुस कर मारेगा, चौदह शताब्दियों के घाव वे लोग भूले नहीं हैं | हिन्दुओं की भी स्मृति ताजी हो जायेगी |
क्योंकि वह जानती है कि उसका समर्थन करने वाले हिन्दू केवल नाम के ही हिन्दू हैं, दो सौ वर्षों की हिन्दू-विरोधी मीडिया और कुशिक्षा ने हिन्दुओं के दिमाग में झूठे सेक्युलरिज्म और जातिवादी भेदभाव का अफीम इतना भर दिया है कि मौत को सामने देखकर भी शुतुरमुर्ग की तरह सर्वधर्म-समभाव की रेत में मुँह छुपा लेते हैं | दूसरे राज्यों में भी हिन्दुओं की यही हालत है | अपने ही धर्म को सही तौर पर जानने की भी रूचि नहीं है |
हर दिन देश के किसी न किसी भाग में हिन्दुओं पर सुनियोजित साम्प्रदायिक आक्रमण होते रहते हैं, मीडिया का अधिकाँश भाग तो देखने तक के लिए तैयार नहीं | मोदी से इन छद्म-सेक्युलरों को घृणा इस कारण है कि कांग्रेस द्वारा आरम्भ कराए गए गोधरा दंगे को मोदी ने सेना बुलाकर शान्त क्यों करा दिया, और उसके बाद फिर कभी गुजरात में दंगा क्यों नहीं भड़कने दिया ? दंगा नहीं होगा तो शान्तिप्रिय कौम को बढ़ने का अवसर कैसे मिलेगा ? और अरब शेखों से किस बहाने पैसे मांगेंगे ?
लोगों को पता नहीं है कि संसार की एक बड़ी महाशक्ति रूस से भी अधिक रक्षा बजट सऊदी अरब का है, जबकि सऊदी अरब को कोई ख़तरा ही नहीं है, उसकी रक्षा के लिए अमरीका और NATO मुस्तैद रहते हैं | रक्षा बजट के अलावा भी बहुत से खर्चे हैं जो घोषित नहीं किये जाते, जैसे कि बगदादी के ISIS को सहायता (और भारत के छद्म-सेक्युलरों एवं एवं पाकिस्तान के आतंकवादियों को आर्थिक सहायता)| ओसामा बिन लादेन भी सऊदी कुलीन समुदाय का हिस्सा था | संसार भर के समस्त जेहादी आतंकवाद का मूल कारण सऊदी कुलीन समुदाय ही है (कुवैत जैसे अरब देशों सहित)| इन शेखों की अक्ल ठिकाने लगाए बिना संसार में शान्ति सम्भव नहीं |
तबतक भारत को देशभक्त नेताओं की अत्यन्त आवश्यकता है, केवल दिल्ली में ही नहीं बल्कि कोलकाता, पटना, लखनऊ, आदि में भी | प्रबुद्ध लोगों का कर्तव्य है कि जनता को जागरूक करने का हर सम्भव प्रयास करें | वरना भारत के कई राज्यों में हिन्दुओं का वही हाल होगा जो पाकिस्तान में हुआ है, और फिर उसके बाद चीन की सहायता से पाकिस्तान आक्रमण करने की स्थिति में भी आ जायगा, जिसका साथ भीतर के गद्दार देंगे -- भाषण से ही नहीं, बल्कि जिन्ना के डायरेक्ट एक्शन से | उस डायरेक्ट एक्शन की सघन तैयारी करोड़ों शान्तिप्रिय लोग कर रहे हैं |
उनका डायरेक्ट एक्शन अवश्य होगा, जो करोड़ों हिन्दुओं का कत्लेआम कराएगा, और उसके बाद पूरे विश्व में शान्तिप्रिय कौम का नाम इतिहास के पन्नों में समा जाएगा | दीपक बुझने से पहले जो अन्तिम बार फड़कता है उसका नाम है जेहाद !
जिस दिन इनके तेल के कूएं सूखेंगे उस दिन अमरीका इन अरब शेख लोगों के सारे बैंक अकाउंट जब्त कर लेगा और इजराइल उनके घरों में घुस-घुस कर मारेगा, चौदह शताब्दियों के घाव वे लोग भूले नहीं हैं | हिन्दुओं की भी स्मृति ताजी हो जायेगी |

ConversionConversion EmoticonEmoticon