How Modi Transformed BRICS 2016

गोवा में 8वां ब्रिक्स सम्मेलन शुरू हो गया है। भारत के लिए ये इतना महत्वपूर्ण है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिन पहले ही पणजी पहुंच गए। मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। ब्रिक्स सम्मेलन के जरिए दुनिया भर के शीर्ष नेताओं से संबंध और प्रगाढ़ होंगे। ब्रिक्स यानि ब्राजील, रूस, चीन, भारत और दक्षिण अफ्रीका का औपचारिक समूह। यह ग्रुप दुनिया की 43 फीसदी आबादी, दुनिया की 37 फीसदी जीडीपी और विश्व व्यापार में 17 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। 8वां ब्रिक्स सम्मेलन पूरे देश के लिए यादगार रहेगा। आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों है।



भारत ने फरवरी 2016 में रूस से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। इससे पहले भी मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 2012 मे भारत में ब्रिक्स सम्मेलन हो चुका है। लेकिन, इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने जरा हटकर सोचा। यह उनके आउट ऑफ बॉक्स सोचने का नतीजा था कि ब्रिक्स दिल्ली की सीमाओं से बाहर निकलकर कहीं और आयोजित हुआ।
भारत को आयोजन का भार मिलते ही पीएम मोदी ने पूरी कार्ययोजना बनाई। इसे नेताओं की चर्चा से बाहर निकालकर आम आदमी तक पहुंचाया। ब्रिक्स देश के लोगों खासकर युवाओं को मिलने-जुलने का मौका दिया गया। भारत के विभिन्न शहरों में 50 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरा ध्यान युवाओं पर केंद्रित किया गया। ब्रिक्स अंडर 17 फुटबॉल टूर्नामेंट, ब्रिक्स यूथ समिट, फिल्म फेस्टिवल, फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव और यंग डिप्लोमैट्स फोरम आयोजित किए गए।
ब्रिक्स सम्मेलन पहले भी हुए, लेकिन ये राजधानियों तक ही सीमित रह गए थे। लेकिन इस बार पीएम मोदी ने कुछ ऐसा समां बांधा कि देश के कई राज्य भी इस सम्मेलन में भागीदार बन गए।

1- ब्रिक्स महिला पार्लियामेंटरी फोरम अगस्त में जयपुर में आयोजित हुआ।
2- ब्रिक्स के संचार मंत्रियों का सम्मेलन अक्टूबर में बैंगलुरु में हुआ।
3- स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली में मिले तो सभी देशों के आपदा प्रबंधन मंत्री उदयपुर में जुटे।
4-विदेश नीति पर ब्रिक्स डायलॉग पटना में आयोजित हुआ तो पर्यटन मंत्री खजुराहो में मिले।
यानी कुल मिलाकर आपसी हित के मुद्दों पर मंथन के अलावा उन मुद्दों पर सहयोग करने के लिए चर्चा हुई, जिनसे ये सभी देश जूझ रहे हैं। पीएम मोदी खुद ही इन तमाम बैठकों पर पैनी निगाह रखे हुए थे। खुद मोदी ने रूस के उफा में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में ब्रिक्स देशों को और करीब लाने के लिए 10 कदम सुझाए थे।
पीएम मोदी ने कहा था कि ये भविष्य की ओर बढते 10 कदम हैं। इसमें ब्रिक्स ट्रेड फेयर, ब्रिक्स रेलवे रिसर्च सेंटर, ब्रिक्स डिजिटल इनिशिएटिव, ब्रिक्स एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर, ब्रिक्स स्पोर्ट्स काउंसिल, बिक्स फिल्म फेस्टिवल जैसी शुरुआत करने का प्रस्ताव था।
पीएम मोदी ने कुछ इसी तर्ज पर काम भी किया, जिसका नतीजा पूरे देश में दिखा। ब्रिक्स देशों की भागीदारी भी जबरदस्त रही। पणजी में दो दिनों की माथापच्ची के बाद भले ही आला नेता अपने अपने काम में एक बार फिर व्यस्त हो जाएं, लेकिन पीपल टू पीपल कॉन्टैक्ट की जो नींव पीएम मोदी ने भारत में डाली है, वह बरकरार रहती है तो इन तमाम देशों को इसका फायदा जरूर मिलेगा।
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